Where is Kalinjar Fort, Uttar Pradesh , India.

Facts about Kalinjar Fort.

Name Kalinjar Fort
City Banda
Address Banda District, Kalinjar
Country India
Continent Asia
Came in existence 10th century
Area covered in KM 59 kms
Height 244m.
Time to visit 6AM-10PM
Ticket time 6AM-10PM
Ref No of UNESCO
Coordinate 24.9997°N 80.4852°E
Per year visitors
Near by Airport airport is at Khajuraho,
Near by River Payaswani river

Where is Kalinjar Fort Located Banda District, Kalinjar, India

Location of Kalinjar Fort, Located in Banda District, Kalinjar , India . on Google Map

History of Kalinjar Fort in Hindi

पुरातत्व विभाग ने ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के प्रति पर्यटकों को रिझाने की कवायद शुरू की है। इसी क्रम में ऐतिहासिक दुर्ग में स्थापित हजारों मूर्तियों, अवशेषों और शिलालेखों का अध्ययन व छायांकन किया जा रहा है। बीते तीन दिनों में किले के राजा अमान सिंह महल में 1800 प्रतिमाओं, उनके अवशेषों तथा शिलालेखों का अध्ययन और छायांकन किया जा चुका है। पुरातत्व विभाग के सहयोग से यह महत्वपूर्ण काम आईपीएस अधिकारी एडीजी विजय कुमार करा रहे हैं।कालिंजर विकास संस्थान के संयोजक बीडी गुप्त ने बताया कि अभी लगभग 1200 प्रतिमाओं का अध्ययन और छायांकन बाकी है। यह काम पुरातत्व विभाग लखनऊ सर्किल के अधिकारी दिवाकर सिंह के सहयोग से किया जा रहा है।हाल ही में यहां अपने तीन दिवसीय कालिंजर प्रवास के दौरान आईपीएस विजय कुमार और दिवाकर सिंह ने संयुक्त प्रयासों से यह काम अंजाम दिया है। पुरातत्व अधिकारी दिवाकर सिंह ने कहा कि यहां उपलब्ध बड़ी संख्या में संग्रहीत और सुरक्षित श्रेष्ठ मूर्तियां एक उच्चकोटि के संग्रहालय के लिए पर्याप्त हैं।कालिंजर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए एक अच्छे आधुनिक संग्रहालय की बेहद जरूरत है। संयोजक बीडी गुुप्त ने बताया कि प्राचीन स्मारक सुरक्षा कानून 1905 में बना था। तभी से पूरा कालिंजर दुर्ग और परिसर के ध्वस्त मंदिरों की मूर्तियां सुरक्षित घोषित कर दी गई थीं।इनको नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। एक शताब्दी से अधिक समय से मूर्तियाें का यह विशाल भंडार राजा अमान सिंह के महल में सुरक्षित है। पिछले माह यहां आए केंद्र सरकार के संस्कृति सचिव रवींद्र सिंह ने कालिंजर दुर्ग के विकास का आश्वासन दिया था। उन्होंने मूर्तियों की दुर्दशा पर चिंता जताई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *