Lohagarh Fort Bharatpur Rajasthan

Bharatpur Fort also known Lohagarh Fort, a world famous monument is situated in Bharatpur city that is one of the important cities of Rajasthan, India, Lat Long of Bharatpur ka Kila is 25.459376°N 81.8599815°E and address of Lohagarh Fort is Lohagarh Fort, Gopalgarh, Bharatpur, Rajasthan 321001, Bharatpur Fort is only 55 km West from Agra airport, Bharatpur Fort was built by Maharaja Suraj Mal a jat ruler of Bharatpur.

 

Where is Lohagarh Fort Situated

Location of Bharatpur Fort or Lohagarh Fort Located in Rajasthan India on Google Map

 

Facts about Bharatpur Fort or Lohagarh Fort

Name Bharatpur Fort
City Bharatpur
Address Lohagdh Fort, Gopalgarh, Bharatpur, Rajasthan 321 001
Country India
Continent  
Came in existence 17th century,
Built by Raja Surajmal
Area covered in KM 29 sq.km.
Height 350 feet
Time to visit 9.00 AM – 5.30 PM ,
Ticket time Monday – Friday: 9.00 AM – 5.30 PM , Saturday: 9.00 AM – 5.30 PM , Sunday: 9.00 AM – 5.30 PM , Public Holidays: 9.00 AM – 5.30 PM
When to visit October – March.
Unesco heritage 32
Ref No of UNESCO 251
Coordinate 27°20′N 76°23′E / 27.34°N 76.38°E
Per year visitors 5000 visitors per day
Near by Airport Kheria Airport
Near by River Kakund River

Lohagarh Fort Bharatpur History in Hindi

भरतपुर का किला जिसे लोहागढ़ का किले भी कहते है, ये राजस्थान के भरतपुर नगर में है, और भरतपुर नगर राजस्थान के जिलों में से एक भरतपुर जिले में है, इस नगर और किले का नाम भी भगवान राम के भाई भरत के नाम पर किया गया है। लक्ष्मण इस राज परिवार के कुलदेव माने गये हैं। इसके पूर्व यह जगह सोगडिया जाट सरदार रुस्तम के अधिकार में था जिसको महाराजा सूरजमल ने जीता और 1733 में भरतपुर नगर की नींव डाली। भरतपुर का लोहागढ़ किला। आयरन फोर्ट के नाम से जाना जाने वाले इस किले की मजबूती इसके नाम से ही झलकती है। दिलचस्प बात यह है कि इस किले में जो भी शासक आया उसे कोई हरा न पाया। इसका कारण यह था कि इस किले पर तोप के गोलों का भी असर नहीं होता था।इस किले के चारों तरफ जाट राजाओं ने सुरक्षा के लिहाज से एक खाई बनवाई थी, जिसमें पानी भर दिया गया था। इतना ही नहीं कोई दुश्मन तैरकर भी किले तक न पहुंचे इसलिए इस पानी में मगरमच्छ छोड़े गए थे। एक ब्रिज बनाया गया था जिसमें एक दरवाजा था यह दरवाजा भी अष्टधातु से बना था।

आस-पास के दर्शनीय स्थल

डीग के महल, डीग का किला, गंगा महारानी मंदिर, भरतपुर राष्ट्रीय उद्यान, बाँके बिहारी मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, लोहागढ़ किला,

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