Ranthambore Fort Sawai Madhopur Rajasthan

Ranthambore Fort is a world famous Historical Monument in Rajasthan located in Ranthambore National Park is a City of Rajasthan under Sawai Madhopur District, India, Lat Long of Ranthambore Fort is 26°01′14″N 76°27′18″E and address of Ranthambore Fort is The Ranthambore Fort, Ranthambore National Park, Sawai Madhopur Rajasthan 322001, Ranthambore Fort is only 40 km North West side from Sawai Madhopur Airport, and 12 KM from Sawai Madhopur railway station, this fort is only 170 km from Jaipur i.e state capital of Rajasthan, and only 380 Km from Delhi the capital of India.

Facts about Ranthambore Fort

Name Ranthambore Fort
City Ranthambore National Park
Address Ranthambore Fort, Ranthambore National Park, Sawai Madhopur Rajasthan 322001
District Sawai Madhopur
State Rajasthan
Country India
Continent Asia
Time to visit 9.30 AM–6.00 PM
Coordinate 26°01′14″N 76°27′18″E
Per year visitors Govt property
UNESCO World Heritage Site In 2013, at the 37th session of the World Heritage Committee
Official Site/page http://tourism.rajasthan.gov.in/sawaimadhopur/10018/ranthambore-fort
Near by Airport Sawai Madhopur Airport
Ranthambore Fort Contact Numbers 0141-5110598

Where is Ranthambore Fort Located in Rajasthan, India

Location of Ranthambore Fort Located in Rajasthan India on Google Map

History of Ranthambore Fort in Hindi

रणथम्बोर का किला राजस्थान के पहाड़ों पर बने हुए किलों में से एक है, यह राजस्थान के जिले में से एक सवाई माधोपुर जिले में बना हुआ है, इसकी जयपुर जिले से दुरी मात्रा १५० किलोमीटर है और भारत देश की राजधानी दिल्ली से ३८० किलोमीटर है।
रणथम्बोर के किले को चौहान राजपूत राजाओ ने ९४४ ईस्वी यानि की दसवीं शताब्दी में बनवाया था, कुछ इतिहासकारों की मान्यता है की इसको सपालदक्ष ने बनवाया था जबकि कुछ इतिहासकारो का कहना है की इसको १११० ईश्वी में जयंत ने बनवाया था, परन्तु राजस्थान सरकार के उपक्रम एम्बर डेवलपमेंट और मैनेजमेंट के अनुशार रणथम्बोर के किले का निर्माण मध्य १०वी शताब्दी में शुरू हुआ था और जयंत के कार्यकाल तक बना रहा।

रणथम्बोर के किले का निर्माण मूल रूप से शत्रुओं को दूर रखने के लिए हुआ था क्युकी ये पहाड़ी पर स्थित है, प्रथ्वीराज प्रथम के समय में इस किले का नाम रणस्तम्भा या रणस्तम्भपुरा था, 1192 में या किला गौरी ने हथिया लिया था, 1226 में इस पर इल्तुतमिस का कब्जा हो गया था, या किला कई राजाओ के हाथो से गुजरता हुआ १७वी शताब्दी में जयपुर के महाराजा के पास आ गया और भारत देश के स्वतंत्रत होने तक और आज भी उनके ही वंशजो के हाथ में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *