Laxmangarh Fort Sikar Rajasthan

Laxmangarh Fort is a world famous Historical Monument in Rajasthan located in Laxmangarh is a City of Rajasthan under Sikar District, India, Lat Long of Laxmangarh Fort is 27.823829°N 75.024841°E and address of Laxmangarh Fort is The Laxmangarh Fort District Sikar, Laxmangarh, Rajasthan 332311, Laxmangarh Fort is only 160 km North West side from Jaipur International Airport, As per the historians some part of Laxmangarh Fort was constructed during 19the century by the Rao Raja of Sikar, in the 20th century this fort has been purchased by Mr. Ram Niwasji Jhunjhunwala’s family and since then his family has been responsible for the upkeeping and maintenance of this fort.

Facts about Laxmangarh Fort

Name Laxmangarh Fort
City Laxmangarh
Address The Laxmangarh Fort District Sikar, Laxmangarh, Rajasthan 332311
District Laxmangarh
State Rajasthan
Country India
Continent Asia
Time to visit Not open for the public
Coordinate 27.82° N, 75.02° E
Per year visitors Private property
Official Website http://laxmangarh.in/
Near by Airport Jaipur Airport
Contact Numbers Phone: +91-1586-20882, 220884, 141-2389077, 2389073

Where is Laxmangarh Fort Located in Rajasthan, India

Location of Laxmangarh Fort Located in Rajasthan India on Google Map

History of Laxmangarh Fort in Hindi

लक्ष्मणगढ़ किला राजस्थान के अन्य किलों की तरह ही पहाड़ पर बना हुआ है, इसका निर्माण सम्भवतया सुरक्षा ही करवाया गया होगा, मगर इस किले को सबसे नया किला माना जाता है क्युकी ये १९वी शताब्दी में बना हुआ है। यह किला राजस्थान के जिलों में एक एक सीकर जिले में बना हुआ है।

इस किले का निर्माण तत्कालीन बेर ग्राम में सीकर के राजा राओ लक्ष्मण सिंह करवाया था और इसके निर्माण के कारण ही इस सम्पूर्ण भूभाग का नाम भी लक्मणगढ़ रख दिया गया , इस किले का निर्माण कार्य १८०५ में शुरू हुआ और १८०७ तक ये किला बन कर तैयार भी हो गया था, इस किले निर्माण के बाद पड़ोस राजाओ ने हमले भी किये, किले पर १८८९ में खेतड़ी, फतेहपुर और मंडवा के शासकों ने राजा बख्तावर सिंह के नेतृत्व हमला किया था।

यहाँ के तत्कालीन राजा ने डूंगजी जवाहरजी की सहायता से शत्रुओ को खदेड़ दिया, किले में उस समय भी ३ तोपें थी जो दुश्मनो पर हमेशा भरी पड़ी, इन तोपों के नाम थे कड़क, बिजली और भवानी, आज भी इन तोपों को देख पाते अगर वर्तमान में व्यक्तिगत संपत्ति न होती, २०वी शताब्दी (1960 ) मे राओ लक्ष्मण सिंह के वंशजो से इस कीलें को राम निवास जी झुझुंवाला परिवार के सदस्यों खरीद लिया था और तब किले की देखरेख उनके ही हांथो में है।

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