Kumbhalgarh Fort

Kumbhalgarh Fort is a world’s largest fully preserved fortified city fort situated near Udaipur City means in district Rajsamand city of Rajasthan, India. Lat Long of Kumbhalgarh Fort is 25.1475°N 73.5831°E and address of Kumbhalgarh Fort, Qila Kumbhalgarh, Rajasthan 313325, Kumbhalgarh Fort is situated 66 kilometres North West side from Udaipur Airport, 33 KM from Rani Railway Station and 35 KM from Nathdwara(Shrinathji) bus stand, Kumbhalgarh Fort was built in Rajputana era during 15th century by Rana Kumbha, the name of fort was derived from his name, the height of fort from the sea level 1100 meter.

Where is Kumbhalgarh Fort Located in Rajsamand Rajasthan India

Location Map of Kumbhalgarh Fort in Rajasthan India on Google Map

Facts about Kumbhalgarh Fort

Name Kumbhalgarh
City Udaipur
Address Qila Kumbhalgarh, Rajasthan 313325
Country India
Continent Asia
Area covered in KM 578 km2
Height 1,100 m
Time to visit 9AM-5PM
Ticket time 9AM-5PM
When to visit April – June
Unesco heritage 2013 (36th Session)
Ref No of UNESCO 247
Coordinate 25.1528° N, 73.5870° E
Per year visitors 857 per day
Near by Airport Maharana Pratap Airport at Dabok,
Near by River Banas River

 

 Kumbhalgarh Fort History in Hindi

कुम्भलगढ़ के किले का इतिहास १५वी शताब्दी से जुड़ा हुआ है और विशेष रूप से राणा कुम्भा से, यही पर महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था जो की मेवाड़ के शान है, इसी किले में ३६ किलोमीटर लम्भी दीवार है जो की चीन की दीवार के बाद सूरी सबसे बड़ी दीवार है इसमें ८ घोड़े एकसाथ दौड़ सकते है।

ज्यादातर इतिहासकार कुम्भलगढ़ के किले के इतिहास को लेकर भरम फैलाते हुए नजर आते है, जैसे जैसे एक इतिहासकार कहते है की इस किले का पुराना नाम मछिंदरपुर का किला था, इक इस्लामिक इतिहासकार है जो की इसे राजपूतो के द्वाराbanvaya ही माने है वे कहते है इसका प्राचीन नाम माहोरे का किला था जिसे एक राजा सम्प्रति ने मौरा काल में बनवाया था इन इतिहासकार का नाम भी जान लेना जरुरी है इनका नाम है साहिब हक़ीम।

मगर हम इन इतिहसकरो की बातो को न मान कर ये मानते है है की वर्तमान समय के कुम्भलगढ़ के किले को सिसोदिया राजवंश के राजपूत राजा राणा कुम्भा ने ही बनवाया है , राणा कुम्भा ने अपने राजकाल में ६४ किले बनवाये थे जिनमे ३२ का डिज़ाइन उन्होंने स्वयं तैयार किया था। यह किला समुद्रतल से ११०० मीटर की ऊंचाई पर अरावली की पहाड़ियों पर स्थित है।

उदयपुर का किला – कुम्भलगढ़ के किले बारे में रोचक जानकारी

कुम्भलगढ़ के किले की इतिहास में एक महत्वपूर्ण बात ये आती है की १४४३ में जब राणा कुम्भा इस किले को बनवाना शुरू किये थे इसकी देववै बनाते ही गिर जाती थी , तब पुजारी ने सलाह दी थी की अगर कोई स्वेक्षा से अपना शीस मंदिर में भेंट कर दे तो इस किले की दीवार बन जाएगी काफी समय तक कोई तैयार नहीं हुआ तब एक सन्यासी जो की यात्री के रूप में आया और अपना शीश भेंट किया इसके बाद ये किला बना, उनका नाम हनुमान था और उनकी स्मृति में एक हनुमान स्तम्भ की स्थापना भी की गयी थी।

इस किले को बनवाने में राणा कुम्भा ने ५० किलो घी और १०० किलो रुई जलाई थी जिससे की रात के समय काम करने वालो को रौशनी मिलती रहे। कुंभलगढ़ का किला वैसे तो राजसमंद जिले में आता है लेकिन ये उदयपुर जिले के भी पास है और भौगोलिक रूप से उदयपुर शहर के ज्यादा निकट है।

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