Kota Garh Palace Rajasthan

Kota Garh Palace is a world famous Historical Monument in Rajasthan located in Kota is a City of Rajasthan under Kota District, India, Lat Long of Kota Garh Palace is 25.1754° N, 75.8298° E and address of Kota Garh Palace is RJ SH 33, Garh Palace, Kota, Rajasthan 324006, Kota Garh Palace is only 254 km South West side from Jaipur Airport, The Kotah Garh Palace was built by Maharao Umed Singh II in the 20th century.

Kota Garh Palace Museum

The Royal Family of Kota and care taker of this Kota Garh Palace, made a Museum inside this Kota Garh Palace for the visitors, you can visit this Kota Garh Palace Museum by paying same amount of money to click picks with vidoes, like for the indian citizen the price is only INR 30, while for the students it is INR 15, for the foreigners the fee is INR 200, for still photography charges are INR 50 wile for the video charges are INR 100.

Facts about Kota Garh Palace

Name Kota Garh Palace
City Kota
Address RJ SH 33, Garh Palace, Kota, Rajasthan 324006
District Kota
State Rajasthan
Country India
Continent Asia
Time to visit 10.00 AM TO 4.30 PM
Entry Fee INR 15 to 200
Coordinate 25.1754° N, 75.8298° E
Per year visitors 3000 to 15000
Official Website http://www.kotahfort.com
Near by Airport Jaipur
Near by River Chambal

Where is Kota Garh Palace Located in Rajasthan, India

Location of Kota Garh Palace Located in Rajasthan India on Google Map

History of Kota Garh Palace in Hindi

कोटा गढ़ महल का इतिहास बहुत ज्यादा प्राचीन नहीं है, फिर भी इसकी भव्यता और विशालता में कोई कमी नहीं है, इसका स्थान उतना ही महत्वपूर्ण है जितना राजस्थान के अन्य प्राचीन किलों का है, कोटा गढ़ महल राजस्थान के जिलों में से एक कोटा जिले के अंतर्गत आता है, कहते है इसका निर्माण १९वी शताब्दी के प्रारम्भ में महराओ उमेद सिंह द्वितीय ने करवाया था, इस किले की विशेषता ये है की ये चम्मबल नदी के पूर्वी किनारे बना हुआ है।

इस किले में प्रवेश के लिए एक प्रमुख दरवाजा है जिसे नया दरवाजा कहते है जो की तिप्ता चौराहा की तरफ है और ये दरवाजा हवा महल से घिरा हुआ है, कोटा का हवा महल भी जयपुर के हवा महल जैसा ही है, इस नया दरवाजा के निर्माण से पहले महल में प्रवेश के लिए सैलर घाज़ी दरवाजा हुआ करता था जो की नया द्वाराजा के दक्षिण में केशरपुरा पोल के पास हुआ करता था जिसे कोटिया भील की स्मृति में बनवाया गया, इन्होने राज्य की रक्षा करते हुए बूंदी के राजा जैता सिंह से १२६४ युद्ध करते हुए अपने प्राण त्यागे थे, आज भी कोटिया भैलो के वंशजो को शाही परिवार की तरफ से सम्मान दिया जाता है

Is Garh Palace Kota Haunted ?

कोटा गढ़ महल एक भूतिया महल है ऐसा कई समाचार पत्रों और टीवी के खोजी लोगो ने बताया है, यहाँ पर आने जाने पर्यटकों को भी ऐसा अनुभव हुआ है, लेकिन यहाँ पर किसी के हताहत या नुकशान पहुचाये जाने की घटनाये सुनने में नहीं आयी है।

राजस्थान का प्रत्येक महल और किला अनेको राजाओ के रक्त रंजीत युद्दों का साक्षी है और जब ये राजा लोग या उनके सैनिक अपने किले महल या राज्य की रक्षा करते हुए अपने प्राणो का त्याग करते थे तो निरंतर अपने उसी राज्य, किले या महल का स्मरण करते हुए ही प्राणो का त्याग करते थे. और जैसा की भगवद गीता में कहा गया है की मनुस्य अंत समय में जिसका स्मरण करते हुए अपने प्राणो का त्याग करता है उसकी आत्मा वही बनी रहती है, इसलिए ये संभव है की कई राजाओ उनके सेनिको की आत्माये अभी भी कोटा गढ़ महल में घूमती हो और इसकी रक्षा करती हो।

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